आर्य समाज की स्थापना,आर्य समाज की स्थापना किसने की , arya samaj founder.
आर्य समाज की स्थापना दुनिया के प्रसिद्ध संत स्वामी दयानन्द सरस्वती जी ने 10अप्रेल 1875ईस्वी को मुंबई में की थी। स्वामी दयानन्द सरस्वती जी ने समाज को 10 नए जीवन जीने के सिद्धंत दिए। इन सिद्धांतो से हमें स्वामी दयानन्द जी के ज्ञान का पता लगता है। आर्य समाज के सिद्धांतो ने उस समय (1875 के आस पास का समय ) फैले अज्ञान के अंधकार को मिटाया। आर्य समाज के सिद्धांतो ने लोगो को सही तरह से जीवन जीने की एक नई और अच्छी राह सिखाई।आर्य समाज के सिद्धांत,आर्य समाज के नियम, आर्य समाज के उपदेश, arya samaj definition.
- आर्य समाज के सिद्धांत के अनुसार प्रत्येक मनुष्य को सच्चा ज्ञान प्राप्त करना जरूरी है और परमात्मा ही सच्चा ज्ञान का स्रोत है ।
- आर्य समाज के सिद्धांत के अनुसार परमात्मा सर्वशक्तिमान, निराकार, सर्वव्यापी, दयालु, अंतर्यामी तथा अमर है। परमात्मा ही सृष्टि की रचना करने वाला है। इसलिए केवल परमात्मा ही पूजने के योग्य है।
- आर्य समाज के सिद्धांत के अनुसार प्रत्येक आर्य को अपना कार्य सोच समझकर करना चाहिए। आर्य समाज के लोगो को अनुचित कार्य से दूर रहना चाहिए।
- आर्य समाज के सिद्धांत के अनुसार, समस्त संसार की भलाई करना आर्य समाज का परम धर्म और मुख्य उद्देश्य है। इस उद्देश्य को ध्यान में रखकर लोगों की शारीरिक, आत्मिक और सामाजिक उन्नति की और ध्यान दिया जाना चाहिए।
- आर्य समाज के सिद्धांत के अनुसार प्रत्येक मनुष्य को सभी संसार के जीवो के साथ प्यार और हमदर्दी का व्यवहार करना चाहिए।
- आर्य समाज के सिद्धांत के अनुसार प्रत्येक आर्य समाज के लोगो को अज्ञानता का नाश करना चाहिए, और चारों तरफ ज्ञान का प्रसार करना चाहिए।
- आर्य समाज के सिद्धांत के अनुसार प्रत्येक व्यक्ति को खुद से संबंधित निजी मामलों स्वतंत्रता होनी चाहिए, परंतु उस व्यक्ति को समाज से संबंधित मामलों में रुकावट नहीं डालनी चाहिए।
- आर्य समाज के सिद्धांत के अनुसार वेदों(The vedas)में ही सच्चा गया दिया गया है। इसलिए वेदों को पढ़ना और दूसरों को सुनाना सभी आर्य का परम धर्म है।
- आर्य समाज के सिद्धांत के अनुसार प्रत्येक आर्य समाज के लोगों को अपनी उन्नति से संतुष्ट नहीं रहना चाहिए। आर्य समाज के लोगों को दुसरो की उन्नति में खुद की उन्नति समझनी चाहिए।
- आर्य समाज के सिद्धांत के अनुसार प्रत्येक आर्य को सच बोलना चाहिए तथा सच को ग्रहण करना चाहिए। आर्य समाज के लोगों को झूठ का त्याग करना चाहिए।

1 टिप्पणियाँ
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जवाब देंहटाएंArya Samaj Mandir Marriage Process