डिप्रेशन क्या है,अवसाद के कारण अथवा डिप्रेशन के कारण।

अवसाद क्या है, डिप्रेशन क्या है, डिप्रेशन क्या होता है।

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अवसाद (डिप्रेशन) शब्द आजकल हर जगह सुनाई देता है, क्योकि आज दुनिया का हर दूसरा व्यक्ति अवसाद (डिप्रेशन) का शिकार है। आज मानसिक चिकित्सक डिप्रेशन को एक गंभीर मानसिक बीमारी बताते है, क्योंकि अवसाद ( डिप्रेशन) से पीड़ित व्यक्ति मे जीवन जीने की इच्छा बिल्कुल खत्म हो जाती है। जब अवसाद (डिप्रेशन) अपने आखिरी स्टेज पर पहुंच जाता है, तो पीड़ित व्यक्ति आत्महत्या की कोशिश करने लगता है। इसलिए मानसिक चिकित्सक अवसाद (डिप्रेशन )को गंभीर बीमारी बताते है।
               हर समय शारीरिक,मानसिक भावनात्मक रूप से दुखी रहने वाले व्यक्ति को अवसाद ( डिप्रेशन) का मरीज कहा जाता है।मानसिक चिकित्सकों ने इसे सिंड्रोम की संज्ञा दी है। अवसाद ( डिप्रेशन )से पीड़ित व्यक्ति अपने आप को दुखी और लाचार समझता है। सुख, शांति खुशी यहां तक हंसना खेलना भी अवसाद ( डिप्रेशन) वाला मरीज भूल जाता है। वे अपने आप को इस धरती पर बोझ समझने लगता है।

अवसाद के कारण, डिप्रेशन के कारण, तनाव के कारण

अवसाद (डिप्रेशन) व्यक्ति की मानसिक हालत पर निर्भर करती  है। इस मानसिक हालत को कई चीजें प्रभावित करती है, जो निम्नलिखित अनुसार है।

1. बचपन में डिप्रेशन का शिकार होना

अवसाद(डिप्रेशन) का रोग पहले तो केवल बुजुर्गों होता था। परंतु आज हर एक वर्ग में अवसाद (डिप्रेशन) का रोगी दिखाई देता है। अपने आप को सुखी रखने के लिए मनुष्य ने बहुत तरक्की कर ली है परंतु इसके बावजूद वह और दुखी होता जा रहा है इसीलिए आज बच्चों को भी अवसाद (डिप्रेशन )का शिकार होना पड़ रहा है। आजकल के कंपीटिशन के ज़माने में कमजोर बच्चे समाज में अपनी जगह नहीं बना पाते इसलिए वह अवसाद का शिकार हो जाते है।

  • शिक्षा की वजह से डिप्रेशन
प्रतेक दंपति चाहता है कि उसका बच्चा  पढ़ लिखकर अच्छी तरह से सेटल हो जाए। इसलिए वह बच्चों पर शिक्षा का दबाव डालते हैं। इस दबाव के चिंता के कारण कुछ बच्चे अवसाद का शिकार हो जाते है।  ऐसी बहुत सी घटनाएं घट चुकी है जिसमें शिक्षा आत्महत्या का कारण बना है।

  • शारीरिक कमजोरी-

कुछ बच्चे बचपन में शारीरिक रूप से कमजोर होते हैं। इस कमजोरी के कारण उन्हें कई प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। फिर कठिनाइयों को झेलते-झेलते बच्चा अवसाद (डिप्रेशन) का शिकार हो जाता है। 

2.जवानी डिप्रेशन का शिकार होना।

जवान व्यक्ति को जवानी के समय कई मुसीबतों का सामना करना पड़ता है। 
  • जॉब डिप्रेशन की वजह।
पढ़ाई पूरी करने के बाद जब विद्यार्थी कॉलेज से बाहर निकलता है तो उसे कई प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उसके सामने जॉब प्राप्त करने की कठिनाई होती है। आज के जमाने में जॉब को प्राप्त करने की तुलना जंग जीतने से की जाए तो कोई आश्चर्य की बात ना होगी। इसलिए कई व्यक्ति जॉब ना प्राप्त करने के कारण अवसाद का शिकार हो जाते हैं।

  • ग्रह क्लेश की वजह से डिप्रेशन

 एक युवा अगर शादीशुदा हो और घर चलाने के लिए उसके पास कोई जरिया ना हो तो उसे ग्रह क्लेश का सामना करना पड़ता है। यह क्लेश व्यक्ति को अवसाद (डिप्रेशन)में ले जाता है।

3.बुढ़ापे में डिप्रेशन का शिकार होना।

बुढ़ापे में व्यक्ति को डिप्रेशन का शिकार होना एक आम सी बात है। कई करो कि कारण बुढ़ापे में एक बूढ़ा व्यक्ति अवसाद का शिकार हो जाता है।

  • प्यार की कमी के कारण-

प्रत्येक बूढ़ा व्यक्ति है यह सोचता है कि उसका बच्चा उसके बुढ़ापे में उसकी सेवा करें। परंतु आज के इस मॉडर्न जमाने संयुक्त परिवार की प्रणाली को बिल्कुल खत्म कर दिया है जिससे आज एक बूढ़ा व्यक्ति अपने बच्चों के पास नहीं रह पाता। अकेलेपन में प्यार की कमी के कारण वह अवसाद (डिप्रेशन) का शिकार हो जाता है।

  • बीमारी के कारण-

बुढ़ापे में एक बूढ़े व्यक्ति  को कई प्रकार की बीमारियों का सामना करना पड़ता है। इन बीमारियों के कारण बूढ़ा व्यक्ति अवसाद ( डिप्रेशन )में चला जाता है।
प्रिय दोस्तो आत्म शक्ति सबसे बड़ी होती है। अगर आप अवसाद (डिप्रेशन) के मरीज हो तो आप अपना आत्म विश्वास ना छोड़िए।




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