The East India company
East India company की स्थापना 1600 A.D में हुई।सन 1600 में अंग्रेज व्यापारियों ने भारत में व्यापार करने के लिए रानी एलिज़ाबेथ(प्रथम) से आज्ञा मांगी। Queen एलिज़ाबेथ ने इंग्लैंड के पूर्व में 15 वर्ष के लिए व्यापार करने की आज्ञा दे दी। 1603 में महारानी एलिजाबेथ की मौत के बाद जेम्स (प्रथम) सम्राट बने। जेम्स फर्स्ट ने व्यापार करने का अधिकार 15 वर्ष से बढ़ाकर अनिश्चितकाल कर दिया।1608 में सम्राट जेम्स ने कैप्टन विलियम हॉकिन्स को इंग्लैंड का राजदूत बनाकर भारत भेजा। कैप्टन विलियम अकबर के के नाम का संदेश लेकर हेक्टर नामक जहाज से सूरत बंदरगाह पर उतरा।
- कप्तान हॉकिन्स के आने से पहले पुर्तगाली भारत आ चुके थे,वे भी भारत व्यापार की मंशा से आये थे। अपनी स्थिति मजबूत होते देख पुर्तगाली भारत पर अधिकार करने की योजना बनाने लगे। 1611 में ब्रिटिश कंपनी ने सवल्ली नामक स्थान पर पुर्तगालियों को हरा दिया और उनके जलपोतों पर कब्जा कर लिया। मुग़लों के खिलाफ हुए पुर्तगालियों को हराकरअंग्रेजों ने बादशाह जहाँगीर को खुश कर दिया।1661 मे अंग्रेजों ने अपनी पहली फैक्ट्री मसूलीपत्नम में स्थापित
की हालांकि इस फैक्ट्री पर अंग्रेज़ो को पूर्ण स्वतंत्रता नही थी।यह एक अस्थायी फैक्ट्री थी।
1613 ईस्वी में अंग्रजो अपना पहला स्थाई कारखाना सूरत में स्थापित किया अंग्रेजों ने सूरत को अपना मुख्यालय बनाया।
इस तरह अंग्रेज़ो ने भारत में अपना कदम रखा।


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